तुलना
तुलना
करते तुलना यहाँ सभी अपने आस-पास के सभी से l
होते कभी खुश तो जाते कभी रूठ, सोच के ये कि उनमें कुछ कमी हैं ll
कमी तो यहाँ हर इन्सान को कुछ न कुछ उस ईश्वर से प्राप्त हैं l
ये सब जानते हुए भी क्यों हम सब इस बात से अज्ञात हैं ll
क्यों मान लेते हम स्वयं को पिछडा तुलना किसी श्रेष्ठ से करके l
सोचते क्यों नहीँ कि जिन्दगी मे हर दिन एक से नहीँ हुआ करते ll
किसी से तुलना करके मान लेते हम खुद को श्रेष्ठ l
ओढ़ लेते चादर अभिमान की बजाए सहायता किये उसकी बनने मे श्रेष्ठ ll
ईश्वर कि ये दुनिया बड़ी सुन्दर हें बन जाती l
होती जब दुर हम से तूलना करने की ये बीमारी ll
तुलना करने का सही मतलब अब तुम समझो l
तुलना करके हि तुम अपने रास्ते मे न भटको ll
देखा हें कभी चाँद - सूरज काँटे और फूल को उलझे हुए तुलना के जाल मे l
करने लगे जो तुलना ये आपस मे तो क्या हो पायेगे कामयाब इस संसार मे ll
तुलना करके स्वयं की करो न अपमान उस ईश्वर का l
पलते हम उसी की गोद मे देता हमें वो हुनर अपनी पसंद का ll
रहता नहीँ यहाँ कोई जो हो लायक अपनी तुलना के l
करो इतनी मेहनत तुम अपने कामों मे कि बन सको पात्र तुम सभी कि तुलना के ll
उस खुदा का ये खेल हि निराला हें l
सभी को उसने अपने हाथों से अनोखा बनाया हें ll
अपने भीतर छुपा हें एक हुनर जिससे तुम हो अन्जान l
बिना किसी से तुलना किये बनाओ उस हुनर को तुम अपनी पहचान ll
Thanx piddu for helping to find the suitable words.......
Awsm....
ReplyDeleteThnku vry much
ReplyDeleteFantastic lines
ReplyDeleteThanks😊
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