मन से मन की बात

                            मन से मन की बात


कुछ करने कि आज मेंने हे ठानी l
कुछ नया सीखने कि जिज्ञासा मन मे जागी ll

मुसीबतें तो हे आनी जानी l
न चलने दूँगा हालतों कि मुझ पर मनमानी ll

महनत कुंजी सफलता कि यह  बात हे मेंने जानि l
खुशियों के परिन्दों को यह कुंजी हे आजाद करने वाली ll

मेरे विचारों की धारा अब न भटकने वाली l
फूलों जेसे  सपनों की हिफाज़त करूँगा बनकर बगीचे का माली ll

हे दौड़ मे न जाने कितने सहभागी l
निकलूंगा दौड़ मे सबसे आगे बनकर सबका साथी ll

जाने कितनी ठोकरें हे मेंने खाई l
इन्हीं ठोकरौ ने मुझे अपनी कम्ज़ोरियां हे दर्शाई ll

कुछ अनोखा न सही कुछ अनदेखा न सही l
कुछ तो ऐसा जो मिला दे  मुझे अपनी मंजिल से इस राह मे कहीँ  ll

पराजय होने की घबराहट अब न देर तक रहने वाली l
जीत की मुस्कुराहट अब इस घबराहट पे हावी होने वाली ll

जीवन मे लगे जो कभी मुसीबतों की झड़ी l
चलता रहुंगा अपनी मंजिल पर बनाए नज़रें कड़ी ll


सकारात्मक विचारों की महिमा हे बड़ी l
इन विचारों को साथ जब चलता रहती किस्मत हर पल मेरे साथ खड़ी ll

बड़ी सफलता की जुगाड़ न शॉर्टकट हे कहीँ l
इस सत्य को जो अपना ले सफल होता हे वही ll 

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