मजेदार M 2
In this poem the feelings of an engineering student has been mentioned. He is very happy , because after 1 month his examination of 3rd sem is over. But he is worried about his Mathematics (M2) paper, because unfortunately this time the paper was too much hard and lengthy.
M 2 पूरे सेमेस्टर भाया खुद पढ़ा दूसरो को पढाया |
परीक्षा मे पेपर सामने आया तो हमने अपना होश गंवाया ||
M 2 पढ़ेंगे M 2 पढ़ेंगे यही हठ किया करते थे |
ये तो कभी सोचा ही नही था कि M 2 का पेपर हल भी कर सकेंगे ||
M 2 कि पढ़ाई M 2 के नोट्स |
ईन सभी कि जुगाड़ मे उड़ा दिए हमने न जाने कितने नोट ||
M 2 मस्त हे M 2 आसान हे M 2 स्कोरिन्ग हे |
मगर किसे पता था कि ये ही सबसे बोरिंग हे ||
फोरियर सीरीस निपटाने कि तो ठानी |
देखा तो एक भी सीरीस सिद्ध नही होने वाली ||
फोरियर के ट्रान्सफार्म को आगे ट्रान्स्फर किया |
लाप्लास के ट्रान्सफार्म का स्वागत किया ||
लाप्लास के ट्रान्सफार्म ने थोड़ी उमीद जगाई |
औ तेरी ट्रान्सफार्म का इन्वरस भी निकालना पड़ता हे भाई ||
यूनिट 3 पूरा सिन्गुलर और ऑर्डिनरी पोइंट पे टीका हे |
इन्हे रट लो पास होने का यही एक तरीका हे ||
यूनिट 4 का नाम ही इसके सल्यूशन्स कि पहचान हे |
पता नही इंजिनियरिंग मे इस यूनिट का क्या काम हे ||
यूनिट 5 मे गोस और स्टोक का राज़ हे |
मासूम इंजिनियरौ कि नींदे उड़ाना ही इनका काम हे ||
देखते देखते M 2 का पेपर सामने आ गया |
आते ही नये साल कि पार्टी ले गया ||
केसा गया कौन निकलेगा सब इस बात से अन्जान हे |
अब तो कॉपी चेक करने वाला ही भगवान हे ||
Waah! Kya baat hai.. Superb lines
ReplyDeleteThanku Thanku
ReplyDeleteThanku
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