मन से मन की बात
मन से मन की बात कुछ करने कि आज मेंने हे ठानी l कुछ नया सीखने कि जिज्ञासा मन मे जागी ll मुसीबतें तो हे आनी जानी l न चलने दूँगा हालतों कि मुझ पर मनमानी ll महनत कुंजी सफलता कि यह बात हे मेंने जानि l खुशियों के परिन्दों को यह कुंजी हे आजाद करने वाली ll मेरे विचारों की धारा अब न भटकने वाली l फूलों जेसे सपनों की हिफाज़त करूँगा बनकर बगीचे का माली ll हे दौड़ मे न जाने कितने सहभागी l निकलूंगा दौड़ मे सबसे आगे बनकर सबका साथी ll जाने कितनी ठोकरें हे मेंने खाई l इन्हीं ठोकरौ ने मुझे अपनी कम्ज़ोरियां हे दर्शाई ll कुछ अनोखा न सही कुछ अनदेखा न सही l कुछ तो ऐसा जो मिला दे मुझे अपनी मंजिल से इस राह मे कहीँ ll पराजय होने की घबराहट अब न देर तक रहने वाली l जीत की मुस्कुराहट अब इस घबराहट पे हावी होने वाली ll जीवन मे लगे जो कभी मुसीबतों की झड़ी l चलता रहुंगा अपनी मंजिल पर बनाए नज़रें कड़ी ll सकारात्मक विचारों की महिमा हे बड़ी l इन विचारों को साथ जब चलता रह...